ब्लॉग पर वापस जाएं
27 अक्टूबर 2025Sergei Solod2 मिनट पढ़ें

एक नए प्रोजेक्ट पर यांडेक्स बनाम गूगल

यांडेक्स ने असली ट्रैफ़िक भेजना शुरू कर दिया, जबकि गूगल लगभग स्थिर ही रहा। यह फर्क साफ दिखाता है कि दोनों नए साइटों के साथ कितना अलग व्यवहार करते हैं।

SEOगूगल सर्चयांडेक्सट्रैफ़िक वृद्धिएनालिटिक्सकेस स्टडी

📈 दो सर्च इंजन की कहानी: जब यांडेक्स आगे बढ़ता है और गूगल चुप रहता है

जब मैंने अपना नया प्रोजेक्ट लॉन्च किया, तो मेरी सारी उम्मीदें गूगल पर टिकी थीं। मैंने सब कुछ ऑप्टिमाइज़ किया, Search Console सेट किया और ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक आने का इंतज़ार किया।

लेकिन जो हुआ, वह बिल्कुल अलग था।

गूगल साइट को लगभग नज़रअंदाज़ कर रहा है। डेटा लगभग सपाट है: बहुत कम इंप्रेशन और लंबे समय में सिर्फ करीब 300 क्लिक। 📉

यांडेक्स की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। Webmaster डैशबोर्ड में साफ़ तौर पर तेज़ बढ़त दिख रही है, और हाल में क्लिक में 500% की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। 🚀

यह इस बात का साफ़ उदाहरण है कि सर्च एल्गोरिदम कितने अलग तरीके से व्यवहार कर सकते हैं। यांडेक्स नए कंटेंट को सक्रिय रूप से क्रॉल, इंडेक्स और रिवॉर्ड कर रहा है, जबकि गूगल को जैसे कोई जल्दी ही नहीं है।

शुरुआती ट्रैक्शन देने और इस प्रोजेक्ट को एक असली मौका देने के लिए यांडेक्स का बहुत धन्यवाद। अब असली काम शुरू होता है: समझना कि गूगल अभी भी क्या नहीं देख रहा।

क्या आपने कभी इन दोनों के बीच इतना बड़ा परफ़ॉर्मेंस गैप देखा है? आपका अनुभव जानना अच्छा लगेगा।